Gussa karne ke nuksan
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| Gussa karne ke nuksan |
जिन्हे गुस्सा आता है वो लोग सच्चे होते है, मैंने झूठो को अक्सर दिन रात मुस्कुराते देखा है, सिख रहा हु आजकल इंसानों को पढ़ने का हुनर, ये सुना है चेहरे पर किताबों से ज्यादा लिखा होता है.....
क्या आप भी अपने रिश्तो को लेकर चिंतित है, क्या आपको भी बहुत धोके मिले है, क्या सबने आपको भी अकेला छोड़ दिया, अगर ऐसा है तो आप अपने मन को एक बार अच्छे से रो लेने दीजिये और फिर आगे इन लाइन्स पढ़िए|
अगर आपको भी जिंदगी मे कामयाब होना है, अगर आपको आगे बढ़ना है तो बस आप को एक बात जाननी होंगी की आपको सपोर्ट कोई भी नहीं करेगा आपके आगे बढ़ने मे| आपको अकेले, तन्हा, खुद पे यकीन करके आपको खुद ही आगे बढ़ना होगा चाहे आपका कोई साथ दे या ना दे|
अगर आपको डर लगता है की नहीं मै ये काम उसके बिना कर ही नहीं सकता तो ये बाते अपनी दिमाग से निकल दो, की अगर आप अपना काम खुद नहीं कर सकते है, तो आप अपनी जिंदगी कैसे जी रहे हो. अगर आप अपनी जिंदगी अकेले जी सकते हो तो आप अपना काम क्यों नहीं कर सकते. जिंदगी जीना भी तो एक काम है. आप बात क्यों नहीं समझ रहे है की दुनिया मे कोई भी किसी का नहीं होता. सब अपने मतलब के लिए ही आपके साथ रह रहे है, आप बच्चे तो नहीं है. मेरे भाई, सोचो की जो इंसान आपको को किसी वजह से छोड़ के जा सकता है, तो वो आपका साथ क्या निभाएगा| अगर उसके अंदर आपके लिए थोड़ा भी प्यार होता, अगर उसको आपका साथ निभाना होता तो क्या वो आपको एक पल के लिए भी छोड़ के जाता.... नहीं अगर उसे तुम्हरा साथ निभाना होता तो वो ऐसा बिलकुल भी नहीं करता क्यों की उसके अंदर रिश्ता नीभहाने का लालच होता. उसे डर लगता की ये मै क्या कर रहा हु.... मुझे उसके साथ चलना है नाकि उसे अकेले छोड़ देना है. हां, ये मै मानता हु की सर झुका लेने से रिश्ता टूटने से बचे तो झुक जाना चाहिए पर हर बार आपको ही झुकना परे तो उस रिश्ते को छोड़ देना चाहिए.
दोस्तों जिंदगी सबको एक न एक सबक सीखा जाती है, जोकि हमारा ज़िन्दगी का सबसे बेकार और तन्हा पल होता है. जिंदगी हर इंसान को ये पल देती है. किसी को परिवार का टेंशन, तो कीसी को रोटी का टेंशन, तो किसी को जॉब का टेंशन, तो किसीको पढ़ाई का टेंशन, तो किसी को घर का टेंशन,......... जिंदगी हर इंसान को टेंशन देती है, लेकिन उसे कुछ सिखाने के लिए.......









